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नमस्कार दोस्तों। नाम तो आपने पढ़ ही लिया होगा। बाद बाकि पेशे से टीवी पत्रकार हूं और आजतक के साथ कार्यरत हूं। लिखना पसंद है। जो समझ आता है और लिखने लायक होता है लिख देती हूं। ना तो ज्ञानी हूं और ना ज्ञान बांटने के लिए लिखती हूं। बस कुछ सच्ची और काल्पनिक कहानीयां लिखती हूं। कभी कभी फिल्म समीक्षा तो नही पर फिल्म मेरी नजर से कैसी दिखती है वो लिख देती हूं। ब्लाॅग है जहां लिखने के लिए रोक टोक नही। इसलिए बेबाक लिखती हूं ।

Monday, 11 April 2016

लघुकथा :- साथी

लड़की के घर में रिश्ते की बात चल रही थी | लड़की को भी समझाया गया कि उसे लोग देखने आ रहे है, तो जरा अपना अल्हड़पना कम दिखायें और सिरियस बिहेव करे | आज जब लड़की को दिखाया जाना था, तब लड़की को सिर से पांव तक ऐसा ढंका गया, मानो शरीर का कोई अंग खुला रह जायेगा तो रिश्ता वही टूट जाएगा | टेबल पर पचहत्तर तरह के पकवान, शरबत और खाने-पीने की वो तमाम चीजें पड़ी थी, जो लड़की के घरवाले ला सकते थे | लड़की उस ५ मीटर की साड़ी में घुटन महसूस कर रही थी | तकरीबन आधे घंटे के बाद जब लड़के-लड़की को अकेले कमरे में बातचीत करने के लिए भेजा गया, तो लड़की ने मौका पाते ही लड़के से सब कुछ कह दिया, 'देखिए...मैं आपको धोखे में नहीं रखना चाहती | मैं ऐसी नहीं हूं जैसी दिख रही हूं | मैं इतनी शांत कभी नहीं रहती | नाही ऐसे कपड़े पहनती हूं | मैं लाउड म्यूजिक सुनती हूं, वो भी शकीरा, रिहाना और एनरीक को | मैं क्रिकेट मैच की दिवानी हूं और फुटबॉल में मुझे मेस्सी,नेमार,काका और रोनाल्डो पसंद है | WWE भी देखती हूं और जॉन सीना का म्यूजिक मेरा रिंगटोन है | मैं ये बिल्कुल नहीं जो आप समझ रहे है| ' लड़की ने एक सांस में सब कह दिया | लड़के ने मुस्कुराकर कहा, 'चिंता मत किजिए, आप बिल्कुल वैसी ही है | जैसी लड़की मैं चाहता हूं |' और अब जाकर सच मेें दोनों की बातें क्रिकेट, फुटबॉल और WWE से शुरु हुई |

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