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नमस्कार दोस्तों। नाम तो आपने पढ़ ही लिया होगा। बाद बाकि पेशे से टीवी पत्रकार हूं और आजतक के साथ कार्यरत हूं। लिखना पसंद है। जो समझ आता है और लिखने लायक होता है लिख देती हूं। ना तो ज्ञानी हूं और ना ज्ञान बांटने के लिए लिखती हूं। बस कुछ सच्ची और काल्पनिक कहानीयां लिखती हूं। कभी कभी फिल्म समीक्षा तो नही पर फिल्म मेरी नजर से कैसी दिखती है वो लिख देती हूं। ब्लाॅग है जहां लिखने के लिए रोक टोक नही। इसलिए बेबाक लिखती हूं ।

Monday, 11 April 2016

लघुकथा :- वाईफाई

लड़की थोड़ी परेशान थी | बहुत कुछ कहना चाहती थी | रात भर बालकनी की परिक्रमा करने के बाद लड़की ने आखिर सोचा कि आज सब कुछ कह देगी लड़के से | उसने फोन उठाया और लिखा, 'बहुत दिनों से कुछ कहना चाहती थी तुमसे, लेकिन कह नहीं पा रही थी | आज कन्फेस कर रही हूं | तुम्हें पसंद करती हूं और तुमसे प्यार भी करती हूं | आगे कि जिंदगी भी तुम्हारे साथ बिताना चाहती हूं | मुझे पता है शायद मैं वैसी नहीं जैसा तुम चाहते हो, लेकिन वादा करती हूं तुम्हारे लिए मैं खुद को बदल भी लूंगी | मैसेज मिलने के बाद अगर हां हो, तो फोन करना वरना छोड़ देना!!!' लड़की ने वाट्सएप पर ये सब लिखकर सेंड कर दिया और बिस्तर पर लेट गई | ५ मिनट बाद लड़के का फोन आया | लड़की लड़के का नंबर देखते ही सातवें आसमान पर थी | खुद को खुशकिस्मत समझ रही थी | उसने खुशी से फोन उठाकर हैल्लो कहा | दूसरी तरफ से लड़के ने कहा, 'अरे सुनो आज तुम्हें एक बात बताना तो भूल ही गया | मी एंड रिया...वी आर कपल नाउ....!!! आज ही उसने मुझे हां कहा है |' लड़की पल भर के लिए टूट गई | उसे समझ नहीं आया ये क्या हुआ उसके साथ | उसने तो फोन अपने और लड़के के रिश्ते की पुष्टि के लिए उठाया था | स्तब्ध खड़ी लड़की ने फोन काटा और वाट्सएप चेक किया | वाईफाई बंद होने के कारण लड़के तक उसका मैसेज नहीं पहुंच पाया था | लड़की ने राहत की सांस ली और मैसेज डिलीट किया | अब लड़की के भीतर जो बेचैनी चल रही थी वो एक शांत गहरे पानी में तब्दील हो गई |

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