लड़की को लाल लिपस्टिक पसंद थी | थोड़ी हल्की लाल, जो लगाने के बाद होठों को टमाटर सा रंग देती थी | ये लिपस्टिक उसकी पहचान बन चुकी थी | गोल से सफेद चेहरे पर सुर्ख लाल लिपस्टिक इतनी सुंदर लगती थी कि आखिर सब उससे पूछ ही लेते थे कि वो कौन से ब्रांड की लिपस्टिक इस्तेमाल करती है | सारे लोग कोशिश करते, वैसा ही ब्रांड भी ले आते | लेकिन जितनी लाल लिपस्टिक उस पर फबती थी, उतनी किसी पर नहीं | लड़की की जिंदगी में लाल लिपस्टिक के अलावा रुप सज्जा का कोई और सामान नहीं था | एक दिन लड़के ने उसे गुस्से में कह दिया, "तुम क्या ये गवारों की तरह रेड कलर लगा लेती हो, तुम्हे पता भी ये कलर कौन लगाता है ! आज के बाद ये रंग तुम्हारे होठों पर नहीं दिखना चाहिए | समझी तुम....!" लड़की पल भर में बेचैन हो गई | उसने सोचा जिस लाल रंग के कारण लड़के को वो इतनी पसंद थी, आज उसी रंग के कारण लड़के ने उसकी तुलना ना जाने किस तरह की महिलाओं से कर दी | लड़की ने पर्स उठाया | उसमें से लाल लिपस्टिक निकाली और लिपस्टिक की दो गाढी लेयर होठों पर चढाई और लड़के के पास जाकर बोली, "ध्यान से देखो इस रंग को ! ये हमेशा यही था और यही रहेगा, चाहे तुम रहो या ना रहो | और रही बात किसी और की तरह दिखने की, तो मुझे माफ करो ! गलती हो गई जो तुम्हें चुना ! गुडबाय !" लड़की ने जाते जाते आखिरी बार लड़के के गाल पर लाल लिपस्टिक का गहरा निशान दे मारा |

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