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नमस्कार दोस्तों। नाम तो आपने पढ़ ही लिया होगा। बाद बाकि पेशे से टीवी पत्रकार हूं और आजतक के साथ कार्यरत हूं। लिखना पसंद है। जो समझ आता है और लिखने लायक होता है लिख देती हूं। ना तो ज्ञानी हूं और ना ज्ञान बांटने के लिए लिखती हूं। बस कुछ सच्ची और काल्पनिक कहानीयां लिखती हूं। कभी कभी फिल्म समीक्षा तो नही पर फिल्म मेरी नजर से कैसी दिखती है वो लिख देती हूं। ब्लाॅग है जहां लिखने के लिए रोक टोक नही। इसलिए बेबाक लिखती हूं ।

Sunday, 8 March 2015

ओ वुमनिया...




मैं एक लड़की हूँ। एक हिंदुस्तानी लड़की। जिसकी सोच, जिसका व्यवहार और जिसका रहन सहन एक आम लड़की जैसा है। जो नए कपड़ो में आज भी पुराने विचार लेकर चलती है। अपने दिमाग के झोले में कई वजनदार चीज़े सहती है। हर दिन एक नई जंग लड़ती है और अपनी जीत पर पिज़्ज़ा बर्गर की पार्टी करती है। 

दुनिया की नज़रो से खुद को बचाने की कोशिश नही करती, बल्कि डटकर उसका सामना करती है और वक़्त आने पर मुंह-तोड़ जवाब देना भी जानती है। मेरी सरलता और सहजता को मेरी कमज़ोरी समझने की गलती करने वालो को भी वक़्त आने पर अपनी आक्रमकता का प्रमाण देना जानती हूँ मैं। 

वैक्सिंग के दर्द से लेकर माँ की डॉट तक सहना जानती हूँ मैं। मैं जानती हूँ मुझे कब, क्या और कैसे करना है। मैं आज की लड़की हूँ, जिसके लिए मंदिर जाना उतना ही इम्पोर्टेन्ट है, जितना हर महीने पार्लर के चक्कर लगाना। डोमिनोस, मैक डी, केएफसी, पिज़्ज़ा हट के खाने मुझे बहुत लुभाते है, पर माँ के हाथ का खाना और घर का आचार आज भी चटखारे लेकर खाती हूँ। 

पजामा पार्टी हो या नाईट आउट। हर चीज़ के लिए तैयार हूँ मैं। डिस्को, पब और डीजे पार्टी के अलावा माता के जगराते में भी जाना जानती हूँ मैं। लड़को के बीच रहकर उनसे आगे निकलना जानती हूँ मैं। अपनी आबरू और अपने चरित्र को बचाना जानती हूँ मैं। हर रेस में, हर दौड़ में आगे निकलना जानती हूँ मैं। 

कई दर्द है मेरे। तुम ना समझ पाओगे। ऑयब्रो के एक एक्स्ट्रा बाल के बढ़ने से लेकर, ब्रेकअप के आंसू तक हंसकर सहती हूँ मैं। एक नाख़ून के टुकड़े के टूटने पर फूट फूटकर रोती हूँ मैं। अपने सौंदर्य और निखार का ख़ास ख्याल है मुझको। परफेक्ट दिखने की खातिर कपड़ो का अम्बार लगाना जानती हूँ मैं। 
पापा की लाज, माँ का गहना, भाई का गर्व  और बहन का मान हूँ मैं।  

मैं शेफ हूँ। मैं हॉउसकीपर हूँ। मैं लांड्रीमैन हूँ। मैं टीचर हूँ। मैं एंटरटेनर हूँ। मैं डॉक्टर हूँ। मैं मॉर्निंग अलार्म हूँ। मैं हेयर स्टाइलिस्ट हूँ। मैं डिज़ाइनर हूँ। टेलर भी मैं ब्यूटीशियन भी मैं। मैं हर वो चीज़ हूँ, जिसकी जरुरत है तुम्हे। 

आज की दुनिया की मैजिकल छड़ी हूँ मैं, जिसे घुमाते ही हर काम पूरा हो जाए। हर ख्वाहिश पूरी हो जाये। 
आज की लड़की, आज की नारी, आज की लाज हूँ मैं !
महिला होने का गर्व है मुझको। 
आपको भी होगा !
और होना भी चाहिए। 

 हैप्पी वूमंस डे !!!!


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