आज खुशबू सोकर उठी, तो बालकनी से झाँककर देखा! चारों तरफ वेलैनटाइन्स डे की रौनक थी! सारा मौसम गुलाबी रंग में नहाया था! बेडरूम से बाहर निकली तो देखा कि आज पापा भी मम्मी के लिए गुलाब लाए हैं! मम्मी को इतना शरमाते उसने पहले कभी नहीं देखा था! लौटकर कमरे में आई तो देखा फोन पर एक अननोन नंबर फ्लैश हो रहा है! उसने सोचा आज के दिन कौन हो सकता है! फिर घबराते हुए फोन उठाया! 'हैलो, कौन ?" ! सामने से जवाब आया! " हाय खुशबू! मैं निलिमा बोल रही हूँ, अपना रेडियो से! मेरे साथ यहॉ कोई है, जो आपसे कुछ कहना चाहते है!" खुशबू उत्साह और शंका के बीच जंग लड़ रही थी! वो अब भी अनजान थी, उस अगली आवाज से! मन के भीतर एक अजीब हलचल! सामने से आवाज आई, " खुशी, इट्स मी मनीष!" खुशबू हर्षोल्लास से चहक उठी! कुछ न बोल पाई! फोन लाईन पर अब भी मनीष लगातार बोले जा रहा था! " खुशी बहुत दिनों से कुछ कहना चाहता था, पर हिम्मत न हो सकीं! बहुत डरता था! सोचता था, कही ये सब सुन कर तुम बात करना ना बंद कर दो! पर आज हिम्मत कर ही ली है! बस यही कहना था, I Love You, do u?!!! खुशबू को लगा वो सपना देख रही है! वो जिस बात को कहना चाहती थी, आज वो बात मनीष ने खुद कह दी! मनीष ने दूसरी तरफ से फिर पूछा तुम्हारा जवाब क्या है? खुशबु का गला रूधाँ था! कॉपती आवाज से उसने कहा, " I I Love You Too Manish !!!! :) :)

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