मां हर पल गले लगाती है
पापा नहीं लगाते !
ऐसा नहीं है कि प्यार नहीं है
बस वो नहीं जतलाते !
मां के दिल में प्यार भरा है
पापा है जज्बातों को संभालें !
मां की ममता हर कोई जानें
पर पापा बड़े मतवाले !
पापा की सिर पर है
जिम्मेदारियों की गठरी !
हमारी मांगे हरदम हो पूरी
चाहे उनकी रहे ठहरी !
दुनिया का है नियम ये
पापा रहे सदा गंभीर !
मन में सारे भाव छुपाए
ना बहाए आंखों से नीर !
हम सोचते है हर पल ये
कि पापा कुछ नहीं है जानें !
पर पापा है बड़े निराले
हमारी हरएक नब्ज पहचानें !
दुनिया के भूगोल में हमें
सिखलाते अपनी जगह बनाना !
हम चाहे उन्हें देखेे ना देखे
वो बांचे हमें रोजाना !
कॉलेज स्कूल के उत्सव में
उनका शामिल ना हो पाना !
पर देर रात तक जागकर
मेरी ट्राफियों को निहारना !
मां की तरह वो बिल्कुल भी
ना है ममतामयी !
पर मेरे लिए वो
हर पल है
इस जग में सर्वोपरि !
- शिवांगी ठाकुर
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