जब आधी रात पूरी दुनिया सो रही थी, तब कोई जाग रहा था ! खुली आँखों से अपनी फूटी किस्मत पर रो रहा था! आखिर ऐसी क्या वजह थी, जो साहिल उसे अचानक छोड़ चला गया! ना कुछ कहा, ना कुछ सुना! बस एक अंतिम सन्देश के साथ उसने विदाई दे दी!
" डिअर राधिका,
मैं तुम्हे बहुत अच्छी तरह समझता हूँ, तुम जैसी लड़की बड़े नसीब वालो को ही मिलती है! यह मेरा सौभाग्य था, जो मैंने तुम्हे पाया! तुम हर तरह निपुण हो! तुम्हारा सौंदर्य अप्रतिम है! तुम्हारी हर बात मुझे अच्छी लगती है!
पर अब हमारा एक साथ होना नामुमकिन है! मैं ये शहर छोड़ कर हमेशा के लिए जा रहा हूँ! हो सके तो मुझे माफ़ कर देना!
तुम्हारा साहिल"
फिर वही सन्देश पढ़ते पढ़ते राधिका के आंसू निकल पड़े और अपनी किस्मत को कोसती हुई, यह सोचकर रोने लगी कि आखिर जब वह हर तरह से निपुण थी, तो साहिल ने उसे इस तरह क्यों छोड़ दिया!
कमरे की लाइट बुझाकर और अपने जीवन में भी अंधकार भर, कम्बल ओढ़कर वो अश्रुधारा की किसी और ही दुनिया में चली गई!
" डिअर राधिका,
मैं तुम्हे बहुत अच्छी तरह समझता हूँ, तुम जैसी लड़की बड़े नसीब वालो को ही मिलती है! यह मेरा सौभाग्य था, जो मैंने तुम्हे पाया! तुम हर तरह निपुण हो! तुम्हारा सौंदर्य अप्रतिम है! तुम्हारी हर बात मुझे अच्छी लगती है!
पर अब हमारा एक साथ होना नामुमकिन है! मैं ये शहर छोड़ कर हमेशा के लिए जा रहा हूँ! हो सके तो मुझे माफ़ कर देना!
तुम्हारा साहिल"
फिर वही सन्देश पढ़ते पढ़ते राधिका के आंसू निकल पड़े और अपनी किस्मत को कोसती हुई, यह सोचकर रोने लगी कि आखिर जब वह हर तरह से निपुण थी, तो साहिल ने उसे इस तरह क्यों छोड़ दिया!
कमरे की लाइट बुझाकर और अपने जीवन में भी अंधकार भर, कम्बल ओढ़कर वो अश्रुधारा की किसी और ही दुनिया में चली गई!

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